हॅप्पी हायपोक्सिया क्या है | लक्षण, कारण, बचाव | Silent Killer Happy Hypoxia Kya Hai ? क्यों है घातक |

happy hypoxia kya hai ? लक्षण, कारण, बचाव |what is silent killer happy        hypoxia. हॅप्पी हायपोक्सिया क्यों है जानलेवा | Happy Hypoxia silent killer क्यों कहते है |

Happy hypoxia kya hai ? लक्षण, कारण, बचाव |what is silent killer happy        hypoxia. हॅप्पी हायपोक्सिया क्यों है जानलेवा | Happy Hypoxia silent killer क्यों कहते है |

कोरोनावायरस की वजह से पूरी दुनिया में त्राहिमाम-त्राहिमाम मचा हुआ है इससे बचने के लिए सभी साइंटिस्ट नई नई दवाओं की खोज कर रहे हैं और कोरोनावायरस नए नए लक्षणों के साथ लोगों के सामने आ रहा है पिछली पोस्ट में हमने कोरोनावायरस की एक गंभीर लक्षण ब्लैक फंगस काली फफूंद ब्लैक फंगल इन्फेक्शन म्युकरो माइकोसिस के बारे में बात की थी जिसके लक्षण कारण और उससे बचाव के उपाय भी बताए थे आज हम इस लेख में Happy Hypoxia Kya Hai ? silent killer हायपोक्सिया के लक्षण कारण और इससे बचाव के उपायों पर चर्चा करेंगे |

1. हैप्पी हायपोक्सिया कोविड-19 का जानलेवा लक्षण |

Happy Hypoxia Kya Hai ?” कोरोनावायरस के चलते हमने यह सुना था की कोरोनावायरस मनुष्य के फेंफडों पर गहरा असर डालता है लेकिन दूसरी लहर आने के बाद, बहुत से और भी जानलेवा लक्षण मरीजों में देखने को मिल रहे हैं या यूं कहें कि कोरोनावायरस पूरे शरीर को अंदर से खोखला करने की मशीन बनता जा रहा है

इस महामारी की चपेट में आने के बाद मरीजों में कई लक्षण देखे जा रहे हैं जैसे खून का थक्का जमना, कई मरीजों में शुगर लेवल का बढना, सूंघने की शक्ति का ह्रास होना, स्वाद ना आना, सर दर्द कानों, में दर्द, सांस लेने में परेशानी और इसका एक सबसे घातक और खतरनाक रूप हैप्पी हायपोक्सिया जो लगातार युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है |

हैप्पी हायपोक्सिया को पढ़ने से ऐसा लगता है कि जैसे कुछ अच्छी बात है लेकिन अगर इसके बारे में जानेंगे तो चौक जाएंगे | इसमें हैप्पी जैसा कुछ नहीं दरअसल यह covid-19 wild symptom Happy Hypoxia के नाम से फेमस है इस बीमारी में लोगों को यह पता नहीं चलता कि वह इस बीमारी से ग्रसित है और धीरे-धीरे उनका ब्लड ऑक्सीजन लेवल नीचे गिरने लगता है जिसके कारण मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है ऑक्सीजन की कमी से मनुष्य के अंदरूनी अंग जैसे दिल, गुर्दे और दिमाग पर गहरा असर पड़ता है जिसके कारण बहुत से मरीजों में मल्टी ऑर्गन फैलियर हो जाता है |

2. पहले जानिए Happy “Hypoxia Kya Hai” ? What is Hypoxia ?

कोरोनावायरस के संक्रमण की दूसरी लहर के चलते पूरी दुनिया के मरीजों में एक नए प्रकार का लक्षण देखने को मिला है जिसके अंदर मरीज का ब्लड ऑक्सीजन लेवल तय मात्रा 70 से 80 फिसद से नीचे आ जाता है | जिसका मरीज को पता नहीं चलता है हायपोक्सिया वाले मरीजों में यह देखा गया है कि इतना ब्लड ऑक्सीजन लेवल कम होने के बावजूद वह एकदम सहज महसूस करते हैं |

वह आम लोगों की तरह ही ठीक दिखाई देते हैं और वे समझने लगते है कि वह कोरोनावायरस को पछाड़कर ठीक हो चुके हैं लेकिन हायपोक्सिया धीरे धीरे बहुत खतरनाक रूप ले लेता है इस लक्षण के अन्दर शरीर में कम हो रही ऑक्सीजन की मात्रा मरीज को आईसीयू तक पहुंचा देती है जिसके कारण कई मामलों में मरीज बच नहीं पाता और जीवन की जंग हार जाता है इस बीमारी को लेकर दुनिया भर के डॉक्टरों का मानना है कि इसे गंभीरता से लेना चाहिए |

3. सामान्यतः हायपोक्सिया के लक्षण किनमें देखें जाते हैं | 

सामान्यता हायपोक्सिया के लक्षण पर्वतारोहियों में देखे जाते हैं या अधिक एक्सरसाइज व्यायाम करने वालों में देखे जाते हैं जिसके कारण व्यक्ति के अंदर ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है | यह देखा जाता है कि अधिक व्यायाम करने के बाद मनुष्य के भीतरी अंगों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिसके कारण वह हायपोक्सिया का शिकार हो जाते हैं दरअसल यह सबसे ज्यादा पर्वतारोहियों जो ऊंची ऊंची पहाड़ियों पर जाना पसंद करते हैं उनमें देखी जाती है हायपोक्सिया की कारण मृत्यु होने की भी नौबत आ जाती है |

4. आसान भाषा में हायपोक्सिया क्या है ? hypoxia in easy language.

हायपोक्सिया को आसान भाषा में कुछ ऐसे समझ सकते हैं दरअसल जब कोरोनावायरस से कोई मरीज संक्रमित होता है तो कोरोनावायरस उसके फेफड़ों पर असर डालता है जिसके कारण फेफड़ों पर मौजूद जाली नुमा अल्वेलाई सेल ग्रसित हो जाते हैं जिसे हवा वाली जाली भी कह सकते हैं उस में खून के थक्के जम जाते हैं जिसके कारण फेफड़े पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचा पाने में नाकामयाब हो जाते हैं |

American Non Profit Organization Mayo Clinic  के अनुसार

शरीर की धमनियों में नॉर्मल ऑक्सीजन का स्तर 75 से 100 मिलीमीटर मरकरी (mm Hg) के बीच रहता है. नॉर्मल पल्स ऑक्सीमीटर पर अक्सर 95 से 100 के बीच की रीडिंग सामान्य मानी जाती है. ऑक्सीमीटर की रीडिंग 90 से नीचे होने पर इसे चिंताजनक माना जाता है. ऐसा होने के बाद इंसान को थकान, कंफ्यूजन, मानसिक दिक्कतें आना शुरू हो जाती हैं. इसकी वजह है ऑक्सीजन का भरपूर तरीके से ब्रेन में न पहुंच पाना. ऑक्सीजन लेवल के 80 से नीचे आने पर शरीर के दूसरे अंगों जैसे किडनी, हार्ट, लीवर आदि पर भी असर पड़ना शुरू हो जाता है.

हायपोक्सिया की स्थिति शरीर में पैदा हो जाती है यह जानना आवश्यक है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण मानव शरीर के कई अंग 70 से 80 फीसद ऑक्सीजन होने पर काम करना बंद कर देते हैं जिनमें दिल गुर्दे दिमाग फेफड़े आदि है इन अंगों पर अगर ऑक्सीजन ना पहुंचे तो यह एकदम काम करना बंद कर देते हैं जिसके चलते गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो जाती है और ऐसी स्थितियों में देखा गया है कि कई बार मरीज नहीं बच पाता

5. साइलेंट किलर हैप्पी हायपोक्सिया क्या है ? Happy Hypoxia Kya Hai ?

किसी व्यक्ति का नाम सुखीराम होने से उसके सुखी होने का प्रमाण नहीं मिलता इसी प्रकार इस बीमारी के आगे हैप्पी शब्द लग जाने से यह बीमारी की घातकता कम नहीं हो जाती हैप्पी हायपोक्सिया के मरीजों में धीरे-धीरे ऑक्सीजन लेवल कम होने लगता है कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों में देखा गया है कि ब्लड ऑक्सीजन 95 फीसद से कम होने पर उन्हें सांस लेने में तकलीफ होना शुरू हो जाती है |

प्रसिद्ध अखबार  यॉर्क टाइम्स में अमेरिकी डॉक्टर रिचर्ड लेविटान ने हैप्पी हाइपोक्सिया के मरीजों के साथ अपने अनुभवों को एक संपादकीय में अपने अनुभवों को लिखा है . उनके अनुसार

गंभीर कोरोना मरीजों में साइलेंट हाइपोक्सिया की स्थिति देखी गई है. इसमें मरीजों का ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिरता है लेकिन आम मरीजों की तरह इसे महसूस नहीं किया जा सकता. साइलेंट या हैप्पी हाइपोक्सिया की स्थिति में मरीज किसी भी तरह की परेशानी में नजर नहीं आता. कई मरीजों में देखने को मिला है कि उनका ऑक्सीजन लेवल 80 से भी नीचे है लेकिन वह सामान्य नजर आते हैं.

हैप्पी हायपोक्सिया से पीड़ित मरीजों में ऑक्सीजन लेवल 70 से 80 फिसद तक हो जाता है और जांच होने के बावजूद भी उन्हें इस बात का एहसास नहीं होता और वह बिल्कुल नॉर्मल लोगों की तरह पेश आते हैं यह बीमारी धीरे-धीरे घातक रूप लेती जाती है धीरे-धीरे कम होते ऑक्सीजन लेवल से मानव शरीर के कई अंग से प्रभावित हो जाते हैं और ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण कई अंग काम करने की स्थिति में नहीं होते इस बीमारी को एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम या ए आर डी एस के नाम से भी जाना जाता है |

6. हैप्पी हायपोक्सिया युवाओं के लिए क्यों बन रहा है जानलेवा ?

युवाओं में गंभीर होते हैं पी हायपोक्सिया के कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है इस पर अभी रिसर्च जारी है लेकिन साधारण बातों से जान सकते हैं कि हैप्पी हायपोक्सिया युवाओं के लिए क्यों जानलेवा हो रहा है

सामान्यतः देखा गया है कि कोरोनावायरस मैं 81 फीसद माइल्ड 15 फीसद मॉडरेट और 2 फीसद जानलेवा लक्षण होते हैं ज्यादातर युवाओं में माइल्ड लक्षण होने के कारण वह अस्पतालों में भर्ती होने में देरी करते हैं जिस देरी के कारण उनके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा घटने लगती है जिससे अंदरूनी अंग काम करना बंद कर देते हैं जिसे ऑर्गन फैलियर भी कहते हैं ऐसी स्थिति में इलाज नहीं हो पाता जिसके कारण मरीज को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है |

Covid 19 wild Symptom happy hypoxia kya hai, symptoms, treatment
Covid 19 wild Symptom happy hypoxia kya hai, symptoms, treatment

इसके विपरीत एक कारण यह भी है कि युवाओं में इम्यूनिटी शक्ति वृद्धों की उपेक्षा अधिक होती है जिसकी वजह से वह 90 फीसद से कम ऑक्सीजन पर भी सहज बने रहते हैं या यूं कहें कि ऑक्सीजन की कमी को झेल लेते हैं जिससे हैप्पी हायपोक्सिया की स्थिति बन जाती है कभी-कभी ऐसा भी देखा गया है कि माइल्ड लक्षण होने के कारण लोग इसे गंभीर नहीं लेते और इस स्थिति में हैप्पी हायपोक्सिया धीरे-धीरे शरीर के अंदर की ऑक्सीजन की मात्रा कम करने लगता है |

कुछ स्थिति में ऐसा भी देखा गया है कि ऑक्सीजन की मात्रा एकदम कम होने के कारण मरीज को आईसीयू में भर्ती करना पड़ता है जिससे हार्ट फैलियर की शिकायत ज्यादा बढ़ जाती है और कभी-कभी मल्टीपल ऑर्गन फैलियर भी देखने को मिलता है |

7. हैप्पी हायपोक्सिया के लक्षण | majar symptoms of Happy Hypoxia ?

हैप्पी हायपोक्सिया से पीड़ित व्यक्ति को आप इन लक्षणों से पहचान सकते हैं |

  • होंटों का रंग बदलना लाल व नीली पड़ जाना |
  • त्वचा का रंग बदलना लाल्या बैंगनी पड़ जाना |
  • बिना काम किए पसीना आना |
  • पसीने का रंग बदला हुआ नजर आना |
  • ऑक्सीजन का लेवल लगातार कम होना |
  • व्यक्ति का चिड़चिड़ा हो जाना |
  • व्यक्ति का कन्फ्यूजन की स्थिति में रहना |

ऊपर लिखित सभी लक्षण शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने के कारण दिखाई देते हैं अगर इनमें से कोई भी कारण आपके आसपास किसी भी कोरोनावायरस को दिखाई दे तो डॉक्टर से तुरंत चला लेने की हिदायत दें ऐसी समस्या से ग्रसित व्यक्ति का तुरंत इलाज ही उसे इस बीमारी के घातक परिणामों से बचा सकता है |

8. हैप्पी हायपोक्सिया से बचाव के उपाय | measures to be taken. 

साइलेंट किलर हैप्पी हायपोक्सिया से बचाव के कोई उपाय नहीं है हालांकि हर बीमारी में मरीज को अगर जानकारी पहले मिल जाए तो इलाज काफी हद तक संभव हो जाता है हैप्पी हायपोक्सिया से बचाव के उपायों में सबसे अहम भूमिका आपके जागरूक होने की है आइए जानते हैं इसके बचने के और कौन-कौन से उपाय हैं

  • कोरोना संक्रमण के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी रखें |
  • कोरोनावायरस के बढ़ते नए नहीं लक्षणों की जानकारी रखना जरूरी है |
  • कोरोना संक्रमित मरीज के ऑक्सीजन लेवल का खास ध्यान रखें |
  • शरीर में ऑक्सीजन लगातार घट रहा है तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें |
  • कोरोना से ठीक हुए मरीजों को लगातार अपने ऑक्सीजन सैचुरेशन को नापते रहना चाहिए |

9. किन मरीजों को हैप्पी हायपोक्सिया से ज्यादा खतरा है ? patients are at greater risk ?

अभी तक आए केसेस में ज्यादातर युवाओं में हैप्पी हायपोक्सिया की शिकायत देखी गई है जिनके कारणों का उल्लेख हम ऊपर कर चुके हैं जिन व्यक्तियों को कोरोनावायरस के माइल्ड लक्षण आए हैं उन्हें हैप्पी हायपोक्सिया की जानकारी रखनी चाहिए और लगातार अपने ऑक्सीजन सैचुरेशन पर ध्यान रखना चाहिए ।

10. FAQ (Happy Hypoxia Kya Hai ?)

Q 1. हैप्पी हाइपोस्टैसे किस आयु वर्ग को है ज्यादा खतरा ?
Ans. इस बीमारी से युवा वर्ग को ज्यादा खतरा है |

Q 2. हैप्पी हायपोक्सिया में किन कारणों से होती है मृत्यु ?
Ans. इस बीमारी में ऑर्गन फैलियर या हार्ट फैलियर से ज्यादातर मरीजों की मृत्यु होती है |

Q 3. हैप्पी हायपोक्सिया में कितना प्रतिशत गिर जाता है ऑक्सीजन लेवल ?
Ans. इस बीमारी में 50 फीसद तक ऑक्सीजन सैचुरेशन गिर जाता है |

Q 4. सामान्य मनुष्य में ऑक्सीजन सैचुरेशन कितना होता है ?
Ans. 95 से 100 फीसद तक सामान्य मनुष्य का ऑक्सीजन सैचुरेशन होता है |

कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच नई-नई बीमारियों के आने से इसकी रोकथाम और इलाज में रुकावटें बढ़ रही है | कोरोनावायरस से होने वाली अलग-अलग बीमारी और लक्षणों की जानकारी देने के लिए ही इस पोस्ट को लिखा गया है | अगर आपको ऐसे कोई लक्षण दिखे तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें | याद रखें बीमारी की जानकारी जितनी जल्दी आप को पता चलेगी उतना ही समय डॉक्टर को आप के इलाज का मिलेगा | जिससे इन बीमारियों से छुटकारा पाने में आपको मदद मिलेगी |

Disclaimer :  इस लेख का उद्देश्य आपको भ्रमित करना का आपको डराने का बिल्कुल नहीं है आपको ज्यादा से ज्यादा जानकारी पहुंचाने का ही हमारा लक्ष्य है हमारे द्वारा दी गई जानकारी आप की जान ही बचा सकती है इसलिए इसे अपने सगे संबंधियों और दोस्तों में ज्यादा से ज्यादा सांझा करें | जिससे इसकी जानकारी सभी को हो यह मानवता की भलाई कर सकती है अतः इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करके आप हमारी और अपने परिजनों की मदद कर सकते हैं |  धन्यवाद |

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