ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) क्या है | लक्षण ,कारन बचाव ? Black Fungal Infection Mucormycosis in Hindi.

ब्लैक फंगस | म्यूकरमाइकोसिस क्या है | जानें क्‍या हैं लक्षण ? Black Fungal Disease in Hindi.

म्यूकरमाइकोसिस ब्लैक फंगस संक्रमण क्या है, ठीक हुए कोरोना मरीजों में जानलेवा बिमारी, लक्षण कारण, उपचार | What Is Black Fungal Infection Mucormycosis In Hindi| Symptoms Cause Anfection In Eyes Treatment | Deadly Disease In Post COVID Patient |ICMR Advisory .

पूरी दुनिया के कई बड़े देशों में कोरोना महामारी ने तांडव मचा रखा है जिससे अभी भारत देश भी जूझ रहा है भारत में इस वक्त कोरोना महामारी की दूसरी लहर चल रही है जिसके चलते हैं भारत में कोरोनावायरस पीड़ितों की संख्या नित नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रही है वही कोरोनावायरस से ठीक हुए लोगों में एक नया संक्रमण भी देखा जा रहा है जिसको ब्लैक फंगस या म्युकर माइकोसिस भी कहा जा रहा है

दरअसल यह जानलेवा बीमारी के लक्षणों को लोग अनदेखा कर देते हैं और ना ही किसी को पता है यह आंखों में होने वाला एक संक्रमण है जो बहुत ही जानलेवा हो रहा है इस लेख में हम ब्लैक फंगस के बारे में जानेंगे और साथ ही आपको बताएंगे इसके लक्षण कारण और इससे बचाव किस प्रकार किया जा सकता है इस बीमारी में क्या क्या प्रिकॉशन लिए जा सकते हैं

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ब्लैक फंगल इन्फेक्शन म्यूकरमाइकोसिस क्या है ? what is black fungal infection mucormycosis in hindi ?

ब्लैक फंगस | म्यूकरमाइकोसिस क्या है | जानें क्‍या हैं लक्षण ? Black Fungal Disease in Hindi.
Black Fungal Infection Mucormycosis क्या है |

ब्लैक फंगल इन्फेक्शन यह एक बहुत ही दुर्लभ किस्म का संक्रमण है भारत में इस संक्रमण की जानकारी आंखों के डॉक्टर अक्षय नायर ने दी |
पहली बार यह संक्रमण एक महिला में देखा गया | ब्लैक फंगल इन्फेक्शन की जानकारी देते हुए डॉक्टर नायर ने बताया कि जिस महिला की आंखों का ऑपरेशन कर रहे थे इसके लिए उन्हें ब्लैक फंगस को निकालना था वह महिला 20 दिन पहले कोरोना संक्रमण से ठीक हुई थी डॉक्टर नायर ने महिला का उपचार करने के लिए उनकी संक्रमित आंख निकाल दी जिससे यह संक्रमण आगे ना फैले |


डॉक्टर ने बताया कि आंख निकालना ही संक्रमण रोकने का एकमात्र तरीका बचा था |
ब्लैक फंगस संक्रमण हमारे शरीर की साइनस दिमाग और फेफड़ों को प्रभावित करता है यह डायबिटीज के मरीजों के लिए जानलेवा है और जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम है ऐसे लोगों के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है इन लोगों में अधिकतर कैंसर के मरीज एचआईवी एड्स के मरीज शामिल है |

ब्लैक फंगस इंफेक्शन होने का कारण क्या है ? black fungal infection mucormycosis cause .

ब्लैक फंगल इन्फेक्शन कोरोनावायरस के बाद दूसरी सबसे खतरनाक घातक बीमारी है यह म्यूकर फफूंद के कारण होता है यह फफूंद आमतौर पर मिट्टी, पौधों, खाद्य, सड़े हुए फल और सब्जियों में पनपता है डॉक्टर नायर का मानना है कि यह फंगस हर जगह होते हैं मिट्टी में और हवा में यहां तक कि स्वस्थ इंसान की नाक और बलगम में भी यह फंगस पाया जाता है यह फंगस मुख्यता साइनस, दिमाग और फेफड़ों को प्रभावित करता है यह फंगस कोरोना के बाद बहुत ही जानलेवा बीमारी के रूप में दुनिया के सामने आया है जिसको लेकर पूरी दुनिया अनर्गल बहस छिड़ गई है कि यह वायरस कहां से आया है |

क्यों होता है ब्लैक फंगस संक्रमण ?

ब्लैक फंगस संक्रमण कोरोनावायरस के मरीजों में देखने को मिला है यह इंफेक्शन कोरोना से पीड़ित गंभीर मरीजों को बचाने के लिए दिए जाने वाले स्टोराइट के इस्तेमाल के कारण हुआ है ऐसा डॉक्टरों का मानना है | स्टेरॉयड के इस्तेमाल से कोरोना मरीजों के फेफड़ों में आई सूजन को कम किया जाता है कोरोना मरीजों में कम हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए स्टोराइट का इस्तेमाल किया जाता है जिससे म्यूकर माइकोसिस संक्रमण होने के चांसेस बढ़ जाते हैं

डॉक्टर नायर का कहना है कि डायबिटीज शरीर में रोग प्रतिरोधक प्रणाली को कमजोर कर देता है कोरोनावायरस इस कमजोरी का फायदा उठाते हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता को अति सक्रिय कर इसे तेज काम करने को मजबूर करता है इससे बचाव करने के लिए मरीज को स्टेरॉयड दिए जाते हैं जो आग में घी डालने का काम करते हैं |

ब्लैक फंगस संक्रमण से किन लोगों को है खतरा ?

ब्लैक फंगस संक्रमण या mucormycosis infection कोरोना से ठीक हुए मरीज या कोरोना से पीड़ित मरीजों में देखने को मिल रहा है | ब्लैक फंगस संक्रमण कोरोना महामारी की पहली लहर में भी देखने को मिला था | इसके मामले तब बहुत कम थे लेकिन भारत में चल रही कोरोनावायरस की दूसरी लहर में म्यूकर माइकोसिस इंफेक्शन के केसिस में बढ़ोतरी आई है |

डॉक्टरों का कहना है की यह बीमारी कोरोनावायरस की दूसरी लहर में काफी ज्यादा सक्रिय हो चुकी है और यह ससंक्रमित व्यक्तियों की संख्या में धीरे-धीरे वृद्धि करते जा रही है और जो लोग पहले से ही गंभीर बीमारी से ग्रसित है उनके लिए यह बीमारी जानलेवा भी बन रही है कोरोना से ठीक हुए मरीजों में इसके होने के चांसेस ज्यादा है |

ब्लैक फंगस संक्रमण किन अंगों को प्रभावित करता है ?

ब्लैक फंगस संक्रमण या म्यूकर माइकोसिस इन्फेक्शन ज्यादातर आंखों को संक्रमित करता है इस संक्रमण से रोगी की आंखों की रोशनी चली जाती है और कुछ इसके गंभीर मरीजों में इसे ठीक करने के लिए उनकी नाक और जबड़ों को भी रोगियों के शरीर से काटकर निकालना पड़ता है यह रोग सांस नली साइनस फेफड़ों और कभी कभी दिमाग को भी प्रभावित कर सकती है | मुंबई के डॉक्टर नायर का कहना है कि पिछले 2 सालों में उन्होंने म्यूकर माइकोसिस इन्फेक्शन के 10 से ज्यादा मामले नहीं देखे थे और वही डॉक्टर हैंगडे बताते हैं कि पिछले 10 सालों में मुश्किल से एक या दो मरीज ही पाए जाते थे |

ब्लैक फंगस संक्रमण म्यूकर माइकोसिस लक्षण Black Fungal Infection Mucormycosis Symptoms .

ब्लैक फंगस | म्यूकरमाइकोसिस क्या है | जानें क्‍या हैं लक्षण ? Black Fungal Disease in Hindi.
Black Fungal Infection Mucormycosis के लक्षण क्या है  

ब्लैक फंगस संक्रमण म्यूकर माइकोसिस से पीड़ित व्यक्ति को साइनोसाइटिस की समस्या हो जाती है इस समस्या के अलावा भी म्यूकर माइकोसिस से पीड़ित व्यक्ति में और भी लक्षण दिखाई देते हैं जिनमें से कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार है

  1. नाक से खून या काला तरल पदार्थ निकलना |
  2. नाक का बंद हो जाना |
  3. आंखों में सूजन और दर्द |
  4. पलकों का गिरना |
  5. धुंधला दिखाई देना और आखिर में अंधापन |
  6. मरीजों के नाक के आसपास काले धब्बे हो जाना |
  7. जबड़े में दर्द होना |
  8. आधा या फिर पूरा चेहरा सुन पड़ जाना |
  9. आधे चेहरे पर या पूरे चेहरे पर सूजन आना |
  10. दांतों में दर्द होना |
  11. दातों का टूट कर गिरना |
  12. बुखार होना |
  13. त्वचा में दाने आना |
  14. छाती में दर्द महसूस होना |
  15. सांस लेने में तकलीफ होना |

ब्लैक फंगस संक्रमण या म्युकर माइकोसिस इलाज |

ब्लैक फंगस संक्रमण या म्युकर माइकोसिस बीमारी के लक्षण देखते ही डॉक्टर से संपर्क करना उचित रहता है | डॉक्टर का कहना है की ब्लैक फंगस संक्रमण को एंटीफंगल थेरेपी के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है और काफी हद तक इस बीमारी से मरीज ठीक भी हो जाते हैं |

डॉक्टर बताते हैं कि अधिकतर मरीज उनके पास देर से आते हैं तब तक यह संक्रमण अपना घातक रूप ले चुका होता है और ऐसे में उनके पास म्युकर माइकोसिस से प्रभावितअंग को निकालने का ही ऑप्शन बचता है | इस रोग से पीड़ित मरीजों के लिए एंटी फंगल इंजेक्शन की जरूरत होती है जिसकी एक खुराक की कीमत लगभग ₹3500 है यह इंजेक्शन मरीज को 8 हफ्तों तक रोज देना पड़ता है यह इंजेक्शन ही इस बीमारी की एकमात्र दवा है |

ब्लैक फंगस संक्रमण या म्युकर माइकोसिस इन्फेक्शन की मृत्युदर |

जहां एक और मिलकर म्युकर माइकोसिस का इलाज किया जा सकता है तो वहीं इससे मरने वालों की संख्या 50 फीसद तक है डॉक्टरों का मानना है कि यदि मरीज समय से डॉक्टर से चिकित्सा ले लें तो कई मामलों में इससे बचा जा सकता है पर ज्यादातर मरीज इसे नजरअंदाज कर देते हैं जिसके कारण इस संक्रमण से होने वाली मृत्यु दर में इजाफा हो रहा है | जिसकी वजफ जानकारी का अभाव भी कहा जा सकता है |

ब्लैक फंगस संक्रमण या म्युकर माइकोसिस इन्फेक्शन से किन लोगों को है ज्यादा खतरा ?

ब्लैक फंगस संक्रमण या म्युकर माइकोसिस इन्फेक्शन से इन लोगों को है खतरा :-

  1. डायबिटीज के मरीजों को
  2. आईसीयू में रहने वाले मरीजों को
  3. गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को
  4. Post-Transplant और मैलिग्नेंसी वाले लोगों को
  5. वोरिकोनाजोले थेरेपी वाले ले रहे लोगों को
  6. स्टेरॉयड का अधिक सेवन करने वाले लोगों को

ब्लैक फंगस संक्रमण म्युकर माइकोसिस इंफेक्शन से बचाव Mucormycosis Infection Prevention

ICMR Advisory for Black Fungal Infection Mucormycosis Disease ब्लैक फंगस संक्रमण म्यूकार्माइकोसिस से बचाव के लिए आईसीएमआर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं आइए जानते हैं क्या है यह दिशानिर्देश |

ब्लैक फंगस | म्यूकरमाइकोसिस क्या है | जानें क्‍या हैं लक्षण ? Black Fungal Disease in Hindi.
ICMR Advisory for Black Fungal Disease in Hindi.

कोरोना से ठीक हुए मरीज रखें इन बातों का ध्यान

  • आईसीएमआर की दिशा निर्देशों के अनुसार अगर किसी मरीज को डायबिटीज की बीमारी थी तो ब्लैक फंगस की बीमारी का खतरा उसको सबसे अधिक होगा इसलिए ब्लैक फंगस को नियंत्रण में रखने के लिए सबसे पहले अपना ब्लड शुगर नियंत्रण में रखें |
  • अगर कोई मरीज को रोना संक्रमण से पूर्ण तरह ठीक हो गया है और उसे पहले डायबिटीज था तो उसे नियमित रूप से ग्लूकोस लेवल की जांच करते रहना है और इसे ट्रैक भी करना है |
  • अगर आपको डॉक्टर ने स्टेरॉइड लेने की सलाह दी है तो इसको आप समय पर ले और अनिवार्य होने पर ही स्टोराइट का इस्तेमाल करें इसके अलावा इसकी मात्रा और लेने के समय का महत्वपूर्ण ध्यान रखें |
  • यदि कोई मरीज घर पर ही ऑक्सीजन थेरेपी का उपयोग कर रहा है तो उसे यह ध्यान देना चाहिए कि वह स्वच्छ पानी का इस्तेमाल ही करें |
  • मरीज को एंटीबायोटिक और एंटीफंगल दवा के इस्तेमाल के दौरान सावधानियां बरतना अनिवार्य है |
  • इम्यूनिटी बूस्टर दवाओं का इस्तेमाल बंद करना उचित रहता है |
  • एंटीफंगल प्रोफिलैक्सिस इसकी जरूरत नहीं होने पर इसे ना लें |

म्युकर माइकोसिस इंफेक्शन से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सावधानियां

  • अत्यधिक धूल मिट्टी वाली जगह पर जाने से बचे |
  • मास्क का इस्तेमाल करें |
  • खेतों और बागवानी करते समय जूततों का इस्तेमाल करें |
  • हाथों व पैरों को पूरी तरह से ढके इसके लिए दस्तानों का उपयोग कर सकते हैं |
  • शारीरिक स्वच्छता का ध्यान रखें रोज नहाए |
  • रोजमर्रा में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं को साफ रखें स्वच्छ खाने का उपयोग करें |

ब्लैक फंगस म्युकर माइकोसिस का इलाज कैसे हो सकता है ?

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद आईसीएमआर के तरफ से ब्लैक फंगस संक्रमण से बचने के लिए, एवं इसके उपचार के लिए (एडवाइजरी) जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं जिनको अपनाकर इस संक्रमण से बचाव किया जा सकता है यह निम्नलिखित है :-

  • शरीर में ना होने दे पानी की कमी शरीर को हमेशा हाइड्रेटेड रखें |
  • संक्रमण होने पर 4 से 6 सप्ताह एंटीफंगल थेरेपी ले सकते हैं |
  • सेंट्रल कैथेटर की मदद लें |
  • रेडियो इमेजिंग तकनीक के साथ ऑब्जर्व करते रहें संक्रमण बढ़ा तो नहीं |
  • इस संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टर की मदद जरूर लें |
  • कोरोना से बचाव के लिए बताए जा रहे दिशा निर्देशों का पालन करें |
  • सीडीसी द्वारा जारी रिपोर्ट में यह वायरस 6 फीट दूर तक भी फैल सकता है |

FAQ

Q 1. ब्लैक फंगस संक्रमण दुनिया के सामने कब आया ?
Ans. ब्लैक फंगस संक्रमण म्युकर माइकोसिस दुनिया के सामने कोरोनावायरस की दूसरी लहर में आया |

Q 2.ब्लैक संगत से कौन सा अंग ज्यादा प्रभावित होता है ?
Ans. ब्लैक 15 से आंखें ज्यादा प्रभावित होती है इससे आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा बढ़ जाता है |

Q 3.ब्लैक फंगस संक्रमण से किन को है ज्यादा खतरा ?
Ans. कोरोना से पीड़ित मरीज और कोरोनावायरस हो चुके मरीजों को यह संक्रमण होने का खतरा अधिक है |

Q 4.ब्लैक फंगस संक्रमण की मृत्यु दर कितनी है ?
Ans. ब्लैक फंगस संक्रमण से पीड़ित व्यक्तियों की मृत्यु दर 50 फीसद है जिसका कारण जानकारी का अभाव है |

Q 5.क्या ब्लैक फंगस बीमारी का इलाज संभव है ?
Ans. अगर समय पर लक्षणों का पता किया जाए और उपचार लिया जाए तो काफी हद तक इस बीमारी का इलाज संभव है |

Q 6.ब्लैक फंगल इन्फेक्शन क्यों होता है ?
Ans. कोरोना रोग से पीड़ितगंभीर मरीजों को ठीक करने के लिए दिए जाने वाले स्टेरॉयड के अधिक सेवन से ब्लैक फंगस संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है |

Q 7.ब्लैक फंगल इंफेक्शन से क्या जवान व्यक्तियों को भी खतरा है ?
Ans. अभी तक के पाए गए मरीजों में सबसे युवा मरीज 27 साल का था जिन्हें डायबिटीज नहीं था इसके मद्देनजर यह कहा जा सकता है कि यह रोग नौजवानों को भी संक्रमित कर रहा है |

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