कोरोना काल में कच्ची हल्दी खाने के चमतकारी फायदे |Benefits of Eating Raw Turmeric in hindi |

The Benefits of Eating Raw Turmeric in COVID-19

कोरोना काल में कच्ची हल्दी खाने के चमतकारी फायदे |Benefits of Eating Raw Turmeric in hindi | The Benefits of Eating Raw Turmeric in COVID-19 | COVID-19 symtoms |

जब पूरा विश्व कोरोना वायरस जैसी महामारी से अपने अस्तित्व की जंग लड़ रहा है पुरे विश्व के डॉक्टर साइंटिस्ट पुरजोर कोशिश कर रहे है की पूरी दुनिया पर आई इस विपत्ति से मानव जीवन को कैसे सुरक्षित करे ऐसे में छोटे छोटे घरेलु नुस्खे भी कभी कभी बहतर परिणाम दे जाते है जिनमे से कच्ची हल्दी का सेवन भी एक असरदार नुस्खा साबित हो रहा है

The Benefits of Eating Raw Turmeric in in hindi जी हा दोस्तों हमारे देश भारत में हल्दी का सेवन प्राचीन काल से किया जाता है कही भी चोट लगते ही या घाव होते ही घर के बड़े बुजुर्ग सबसे पहले इसे लेने दौड़ पड़ते हैं। क्योंकि वह हल्दी के उपयोग और आयुर्वेदिक फायदे जानते है| ऐसा इसलिए भी क्योंकि वे जानते है| की इसमें रोगाणुओं को रोकने वाली नष्ट करने वाले औषधीय गुण (रोगाणुरोधक या एंटीसेप्टिक ) होते है। हल्दी से हमें तरह-तरह के इन्फेक्शंस से लड़ने की ताकत मिलती है।फिर चाहे वह अंदरूनी घाव हो या शरीर के बाहर के घाव, यह उन्हें भरने का काम करती है। तभी तो भारतीय परिवारों में हल्दी का खूब इस्तेमाल किया जाता है।

1. The Benefits of Eating Raw Turmeric in in hindi

हल्दी के फायदों और उपयोग की सूचि बहुत लंबी है। हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) नामक पदार्थ पाया जाता है जो हल्दी का एक एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुण है | हल्दी किसे, कितनी मात्रा में लेनी चाहिए यह भी आपके लिए जानना जरूरी है। एक स्वस्थ व्यक्ति को दिनभर में 500 से 1000 मिलीग्राम करक्यूमिन (Curcumin) की जरूरत होती है। एक चम्मच हल्दी में लगभग 200 मिलीग्राम करक्यूमिन होता है और इसलिए दिनभर में चार या पांच चम्मच हल्दी ले सकते हैं। इसका सीधा सेवन करने की बजाए हल्दी से बने अन्य प्रोडक्ट्स जैसे सब्जी, आचार, मुरब्बा इत्यादि में हल्दी सेवन करने से भी करक्यूमिन की कमी पूरी होती है। हल्दी का अत्यधिक सेवन करने से भी हमें बचना चाहिए |

2. कोरोना काल में कच्ची हल्दी खाने के फायदे |

हल्दी के उपयोग पर किये गए कई अनुसंधानों के निष्कर्ष में यह बताया गया हैं की हल्दी में पाए जाने वाले करक्यूमिन (Curcumin) यौगिक का TGEV (Transmissible gastroenteritis virus) के प्रकोप से बचने व् इसके रोकधाम में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है (टीजीईवी) – एक अल्फा-समूह कोरोनोवायरस जो सूअरों को संक्रमित करता है – संक्रमित कोशिकाओं से।(Curcumin) में न सिर्फ इस वायरस को बल्कि हर एक उस वृस बक्ट्रिया को मर गिराने की क्षमता है जो हमारी अंदरूनी ताकत immunity system को नुक्सान पहुचाते हैं |

Benefits of Eating Raw Turmeric in in hindi हल्दी में पाए जाने वाला करक्यूमिन (Curcumin) यौगिक कोरोना वायरस की ही तरह dengue virus, hepatitis B and Zika virus के बड़ने को रोकता हैं हमारे घरों में यह स्वर्ण मसाला आसानी से उपलब्ध रहता है आइयें हम जानते है कैसे आप कच्ची हल्दी के उपयोग उपयोग से स्वयं की और अपने परिवार की रक्षा कर सकते है

 COVID-19 V/S turmeric(Benefits of Eating Raw Turmeric in hindi)

जैसा की आप सब जानते है की कोरोना वायरस हमरे श्वसन तंत्र तो हानि पहुचता है अगर हम कोरोना वायरस के फलने की प्रक्रिया को समझे तो शरुआत में यह एक आम सर्दी झुकाम की तरह ही आता है बस अगर हम धेर्य से सदारण भुखार और COVID-19 अंतर कर ले तो कुछ हद्द तक हम खुद को संभाल सकते है

Aadhaar Card Download Steps For Generated Aadhaar Card

3. COVID-19 symtoms कोरोना के मुख्य लक्षण |

  1. गले में खराश
  2. सरदर्द
  3. तेज भुखार
  4. सुखी खांसी
  5. कान में दर्द
  6. सूंघने की क्षमता का ह्रास

कच्ची हल्दी का उपयोग COVID-19 से बचने के लिए कैसे करे ?

दोस्तों कोरोना से बचने के लिए आपको सबसे पहले यह जानना जरुरी है कि अगर आपको इनमे से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत अपने नजदीकी स्वस्थ केंद्र में कोरोना की जांच कराये और रिपोर्ट आने तक घर में ही रहे नकाब का उपयोग करे परिवार में भी उचित दुरी के नियम की पलना करे |

नसला जुखाम हो सकता है कोरोना इससे बचने के लिए आप ओपने गले में जमने वाले बलगम को फेफड़ो में जाने से रोके

1 कच्ची हल्दी के पाउडर को गर्म दूध में डालकर इसका सेवन करे इससे गले में जमने वाला बलगम कफ्फ पेट में चला जायेगा जहा पर हरे पेट में पाए जाने वाला गैस्ट्रिक जूस वायरस को खतम कर देगा |

2 कच्ची हल्दी को नहाने के पानी में डालकर नहाये यह आपको बहार से सुरक्षित करेगा |

3 कच्ची हल्दी का उपयोग आप गर्म पानी के साथ भी कर सकते है जिससे यह हमरी रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा करता है |

4. हल्दी के अन्य गुणकारी फायदेBenefits of Eating Raw Turmeric in COVID-19

  1.  रोजाना सुबह सुबह एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पिने से शरीर को तंदरुस्त चुस्त दुरुस्त रखने में मदद मिलती है। गुनगुने दूध के साथ हल्दी लेने से शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट (चर्बी ) धीरे-धीरे कम होने लगता है। और मोटापा कम होने लगता है | जिससे हरे रोज मर्रा के कम् भी आसान हो जाते है
  2.  हल्दी एक प्राकृतिक डिटॉक्सीफायर है। इसके इस्तेमाल से रक्त में मौजूद विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है। रक्त का धमनियों में प्रवाह बढ़ जाता है और हार्ट संबंधी परेशानियां नहीं होती। हल्दी हमारे लीवर को डिटॉक्सीफाय करने में मदद करती है
  3.  खून के रिसाव को रोकने या चोट को ठीक करने के लिए हल्दी का उपयोग होता है, हाथ-पैरों में होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए भी हल्दी वाला दूध फायदेमंद है। इसमें एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुण होते हैं और दूध में मौजूद कैल्शियम के उपयोग में इससे खूब फायदा होता है।
  4.  सर्दी, जुकाम या कफ की शिकायत हो तो हल्दी वाला दूध पीना लाभकारी होता है। हल्दी मिला गर्म दूध पीने से सर्दी-जुकाम ठीक होने के साथ फेफड़ों में जमा हुआ कफ भी निकल जाता है। जो कोरोना वायरस का एक घटक रूप भी ले लेता है कुछ कसीस में |
  5.  हल्दी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाती है। हल्दी में मौजूद लाइपोपॉलीसकराइड नाम का पदार्थ शारीर में मोजूद प्रतिरक्षक प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है |
    और हमारे शारीर में मोजूद टी लिम्फोसाइट T LIMPHOSITE शक्ति प्रणाली को मजबूत करता है जो हमारे शारीर में पुलिस की भूमिका निभाते है
  6.  हल्दी शुगर लेवल कम होता है। ब्लड शुगर लेवल बढ़ने पर हल्दी वाले दूध का सेवन करना लाभकारी है।
  7.  हल्दी के सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं। दूध में हल्दी मिलाकर पीने से हड्डी से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। और हड्डियां मजबूत होती है
  8.  हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) यौगिक कैंसर को बढ़ने से रोकता है।
  9.  हल्दी पित्ताशय को उत्तेजित करती है, जिससे पाचन क्रिया में दुरुस्त होती है और गैस ब्लोटिंग को कम करती है।

4 आपको हल्दी के फायदे जानने के साथ ही इसके नुकसान भी पता होना बहुत जरूरी है |

हल्दी के अत्यधिक सेवन के नुक्सान निम्न प्रकार है | Disadvantages of Excessive Intake of Turmeric

  1. नपुंसकता का कारण …
  2. मधुमेह की स्थिति में …
  3. सर्जरी के दौरा
  4. गॉल ब्लेडर/पित्ताशय में समस्या
  5. आयरन का अवशोषण …
  6. ब्लीडिंग प्रॉब्लम …
  7. नपुंसकता का कारण :- हल्दी का अत्यधिक सेवन पुरुषों में नपुंसकता ला सकता है | पुरुषों में हल्दी टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा को कम कर देती हैं. जीससे वीर्य (Sperm ) की सक्रियता में कमी आ जाती है. जिसके लिए आपको हिदायद दी जाती है की अगर आप अपनी फैमिली प्लान कर रहे हैं तो कोशिश कीजिए कि हल्दी का सेवन संयमित रूप से करें.
  8. मधुमेह की स्थिति में :- हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन नामक रासायनिक पदार्थ ब्लड शुगर लेवल को सीधा प्रभावित करता है.ऐसे में आपको हल्दी के अधिक सेवन से बचना चाहिए |और यदि आप हल्दी वाले दूध को गुणकारी समझ कर सेवन करते है तो आपको इससे परहेज करना चाहिए |
  9. आयरन का अवशोषण:- हल्दी का बहुत अधिक सेवन करने से शरीर में आयरन का अवशोषण बढ़ जाता है.जिससे रक्त में आयरन की कमी होने लगती है और कभी कभी अनीमिया की भी शिकायत होने की आशंका बढ़ जाती है इसीलिए जिन लोगों में पहले से ही आयरन की कमी है उन्हें बहुत सोच-समझकर हल्दी का सेवन करना चाहिए.
  10. ब्लीडिंग प्रॉब्लम :- अगर आपको ब्लीडिंग प्रॉब्लम है तो आपको हल्दी वाला दूध नुकसान पहुंचा सकता है. ये ब्लड क्लॉटिंग की प्रक्रिया ( चोट से खून के बहाव के रुकने की प्रक्रिया ) को कम कर देता है जिससे ब्लीडिंग की समस्या और अधिक बढ़ सकती है
  11. गॉल ब्लेडर/पित्ताशय :- अगर आपको पित्ताशय से जुड़ी कोई भी समस्या है तो हल्दी का अधिक सेवन आपकी पित्त की समस्या को बढ़ा सकता है इसीलिए पित्त की ठेली में समस्या वाले व्यक्तियों को हल्दी वाला दूध नहीं पीना चाहिए |
  12. सर्जरी के दौरान:-अगर आपकी सर्जरी हुई है या फिर होने वाली है तो हल्दी के सेवन से बचना चाहिए | जैसा कि हमने पहले ही बता दिया हैं कि हल्दी खून का थक्का जमने नहीं देता है. जिसकी वजह से खून का स्त्राव बढ़ जाता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.